टॉपिक- परिभाषा (Definitions)B.A. (Hons) philosophy, 3rd semester, B.A.(prog.) 6th semester, SEC- Critical Thinking

आपने ऐसे वाक्य कई बार सुने होंगे-#”मेरे कहने का अर्थ ये नहीं था।”#”आपने मेरी बातों को अन्य अर्थ में लिया।”#”मेरी बात को तरोड़- मरोड़ कर पेश किया।”#”उसने अपनी बात कहने में ऐसे शब्दों का प्रयोग किया, जिससे सुनने वाला अपने अनुसार अर्थ निकाल सकता है।”#”एक ही शब्द के कई मायने हो सकते है,ये तो इसContinue reading “टॉपिक- परिभाषा (Definitions)B.A. (Hons) philosophy, 3rd semester, B.A.(prog.) 6th semester, SEC- Critical Thinking”

Cognitive Biases ( संज्ञात्मक पूर्वाग्रह)

B.A.(H) Philosophy, 3rd semester, B.A(P) phil Discipline,  6th semester SEC- Critical Thinking, Delhi University Topic : Cognitive Biases ( संज्ञात्मक पूर्वाग्रह) स्थिति 1 अगर हमें  या हमारे समूह के किसी व्यक्ति को सफ़लता मिलती है,तो हम इसे कठिन परिश्रम का परिणाम मानते हैं ।वहीं अगर किसी दूसरे व्यक्ति या अन्य समूह से सम्बंधित व्यक्ति कोContinue reading “Cognitive Biases ( संज्ञात्मक पूर्वाग्रह)”

लोकाचार, मनोभाव, तार्किक विचार(Ethos, Pathos, Logos)

यह टॉपिक दि•वि • के B.A. पाठयक्रम का हिस्सा है। कौशल वर्धन पाठ्यक्रम (Skill enhancement paper) विद्यार्थी को अपने विषय का व्यवहारिक जीवन में प्रयोग कर जीवन को बेहतर तरीके से जीने के लिए तैयार करता है । दर्शन शास्त्र विषय में निर्देशित पाठ्यक्रम “आलोचनात्मक विचार और निर्णयात्मकता “(critical thinking and decision making) विद्यार्थी की तर्क शक्ति प्रयोग करने की समझ को बढ़ाकर और संवेदनाओं व अन्य सूझबूझ को प्रभावित करने वाले कारकों से रहित हो निर्णय लेने की क्षमता को विकसित करता है। यह टॉपिक श्रोता को अपनी बात से सहमत कराने के लिये वक्ता द्वारा अपनाये जानेवाले तीन प्रोत्साहन के तरीकों की बात करता है।

Create your website with WordPress.com
Get started