क्या आप व्यक्तिनिष्ठ सापेक्षवाद के मत से सहमत हैं कि “प्रत्येक व्यक्ति अपना ही प्राधिकारी है और अपने नैतिक मूल्यों का श्रोत”? विवेचना कीजिये।

Delhi university, B.A.(p) 3rd semester, SEC-Ethical Decision Making,