Existentialism Is Humanism (अस्तित्ववाद मानववाद है) -ज्यां पाल सार्त्र

दिल्ली विश्वविद्यालय के B.A. (Hons) 2nd Yr, में एक पेपर Text of Western Philosophy’ निर्धारित है।जिसके स्लेबस का पहला टॉपिक सार्त्र की यह पुस्तक है।1946 में सार्त्र ने एक भाषण दिया जो एक किताब Existentialism Is Humanism (अस्तित्ववाद मानववाद है) के रुप में सामने आया ।  इसमें उन्होंने इस बात को सामने रखा कि अस्तित्त्ववाद मानवता विरोधीContinueContinue reading “Existentialism Is Humanism (अस्तित्ववाद मानववाद है) -ज्यां पाल सार्त्र”

प्रभा खेतान की “स्त्री उपेक्षिता” , द सेकेंड सेक्स किताब का हिंदी रूपांतरण

” स्त्री पैदा नहीं होती वरन बना दी जाती है”बी.ए. (Hons.) प्रथम वर्ष, GE- Ethics in Public Domain कोर्स में एक टॉपिक लेखिका सिमोन द बउआर( Simone De Beauvoir)   द्वारा  लिखित “द सेकेंड सेक्स”  वॉल्यूम 2 का 5वाँ पाठ ” The Married Woman” है। प्रभा खेतान की “स्त्री उपेक्षिता” ,  द सेकेंड सेक्स किताब का हिंदी रूपांतरण है। छात्रContinueContinue reading “प्रभा खेतान की “स्त्री उपेक्षिता” , द सेकेंड सेक्स किताब का हिंदी रूपांतरण”

भाषा दर्शन और लुडविग विटगेंस्‍टाईन

पाश्चात्य भाषा दर्शन को समझना हो तो लुडविग विटगेंस्‍टाईन की कृतियों  ट्रैक्‍टेटस लॉजिको फिलोसफिकस, फिलोसोफीकल इनवेस्टीगेटन, ऑन सेर्टेनिटी को समझ लेना अनिवार्य हो जाता है।भारतीय मूल के हिन्दी भाषी छात्रों के लिये अगर पुस्तकों का हिन्दी रूपांतरण उपलब्ध ना हो तो उन्हें या तो सेकेंडरी सोर्स पर ही निर्भर रहना पड़ता है,या फिर अंग्रेजी में पढ़ना पड़ताContinueContinue reading “भाषा दर्शन और लुडविग विटगेंस्‍टाईन”

Patanjali Philosophy (दर्शनशास्त्र) Notes in Hindi (IAS PCS UPPCS)

पतांजलि इंस्टिट्यूट द्वारा तैयार दर्शन शास्त्र के हिन्दी में नोटस। 202पेज में पाश्चात्य दर्शन के मुख्य दार्शनिक विचारों काआसान भाषा में व्याख्यान। पुस्तक में निम्नलिखित दार्शनिकों के विचारों को प्रस्तुत किया गया है। 1• देकार्त,स्पिनोज़ा,लाइबनिज़ 2• मूर,रसेल, विटगेंसटाइन 3• लॉक, बर्कले, ह्यूम 4• काण्ट 5• कीकेर्गार्ड, सार्त्र, हाईडेगर 6• प्लटो,अरस्तू 7• स्ट्रासन, क्वाइन Download करेContinueContinue reading “Patanjali Philosophy (दर्शनशास्त्र) Notes in Hindi (IAS PCS UPPCS)”

योग: आत्म-अनुभूति का एक मार्ग (मोनिका शिवहरे)

यह पुस्तक मेरी सहकर्मी और मित्र मोनिका शिवहरे ने बी•ए• के SEC पेपर ‘योग फिलोसोफी ‘के स्लेबस को ध्यान में रखते हुए लिखी है।लेखिका ने पुस्तक में योग से जुड़े अनेक विचारों और पहलुओं को गहरायी के साथ सारगर्भित तरीके से सामने रखा है। पुस्तक की लम्बाई (पेज़ संख्या) सीमित होने से विद्यार्थियों के लियेContinueContinue reading “योग: आत्म-अनुभूति का एक मार्ग (मोनिका शिवहरे)”

समाज और राजनीति दर्शन एवं धर्म दर्शन-डॉ•रमेंद्र

समाज और राजनीति दर्शन(social and political philosophy) एवं धर्म दर्शन(philosophy of religion) यह किताब वैसे तो विशेष तौर से लोक सेवा आयोग(UPSC) के सिविल सेवा के परीक्षार्थियों के लिये लिखी गयी है,लेकिन यह दर्शनशास्त्र के बी•ए• (आनर्स) के विद्यार्थियों और दर्शनशास्त्र में रुचि रखने वाले सामान्य पाठकों के लिये भी उपयोगी है। इस पुस्तक मेंContinueContinue reading “समाज और राजनीति दर्शन एवं धर्म दर्शन-डॉ•रमेंद्र”

तत्त्वमीमांसा एवं ज्ञानमीमांसा -प्रो. केदारनाथ तिवारी

दर्शन के अध्यन क्षेत्र से जुड़े दो विषयों तत्त्वमीमांसा(Metaphysics) एवं ज्ञानमीमांसा( Epistemology) की समझ बढ़ाने के लिये एक बेहतरीन पुस्तक। इस पुस्तक में भारतीय एवं पाश्चात्य दर्शन के तत्त्वमीमांसा और ज्ञानमीमांसा संबंधी मूल सिद्धांतों का विवेचन लेखक के गहन अध्यन और समझ को दर्शाता है। दर्शन शास्त्र के विद्यार्थीयों को अलग- अलग स्तर पर पढ़ायेContinueContinue reading “तत्त्वमीमांसा एवं ज्ञानमीमांसा -प्रो. केदारनाथ तिवारी”

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