B.A.(P) 6th semester, B.A.(H) Philosophy, 3rd semester, SEC- Critical Thinking and Decision Making दावों की विश्वसनीयता 2Download दावों की विश्वसनीयताDownload
व्यक्तिपरक और वस्तुनिष्ठ दावे
(Subjective and objective claims) B.A.(p) 6th semester, B.A.(H) philosophy, 3rd semester, SEC- Critical Thinking e0a4b5e0a58de0a4afe0a495e0a58de0a4a4e0a4bfe0a4a8e0a4bfe0a4b7e0a58de0a4a0-e0a4b5-e0a4b5e0a4b8e0a58de0a4a4e0a581e0a4a8e0a4bfe0a4b7e0a58de0a4a0-e0a4a6e0a4bee0a4b5e0a587Download
मार्टिन हेडेगर (पाठ-8,पुस्तक- अस्तित्ववाद,लेखक-डॉ हृदयनारायण मिश्र एवं श्री प्रतापचन्द्र शुक्ल प्रकाशक-किताबघर,कानपुर, 1968)
यह पुस्तक केंद्रीय पुस्तकालय,दिल्ली विश्वविद्यालय में उप्लब्ध है । विद्यार्थी इसे अपने B.A. (Hons) Philosophy, 2nd year, Text of Western Philosophy पेपर के लिये एक हेल्प है बुक की तरह प्रयोग कर सकते हैं। 20200314_203039Download 20200314_170817Download 20200314_171107Download 20200314_170919Download 20200314_171149Download 20200314_170958Download
दर्शन शास्त्र पर हिन्दी में व्याख्यान
कई बार कोशिशें नहीं होती और कई बार की गयी कोशिश और उसके परिणामों का लाभ सभी तक नहीं पहुंच पाता।आवश्यकता है कि हर कोशिश के बारे में ज्यादा से ज्यादा लोग जानें। CEC (Consortium for Educational Communication) व्यास टीवी पर अलग-अलग विषयों पर हिन्दी और अंग्रेजी दोनों माध्यम में विशेषज्ञों के वीडियो व्याख्यान उपलब्ध करानाContinue reading "दर्शन शास्त्र पर हिन्दी में व्याख्यान"
धर्म दर्शन की रूप-रेखा, लेखक -हरेन्द्र प्रसाद सिन्हा
यह पुस्तक धर्म दर्शन से जुड़ी विभिन्न समस्याओं का तुलनात्मक एवं आलोचनात्मक अध्ययन प्रस्तुत करती है।लेखक ने दर्शन शास्त्र विषय के छात्रों को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय में स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर पर पढ़ाये जाने वाली धर्म-दर्शन से सम्बंधित विषय-वस्तु को एक पुस्तक में समाहित करने की सार्थक कोशिश की है।इस पुस्तक के दोContinue reading "धर्म दर्शन की रूप-रेखा, लेखक -हरेन्द्र प्रसाद सिन्हा "
Yoga Philosophy, Previous year question paper, Delhi University, (B.A.(prog) , 4th semester, Skill Enhancement Course)
Philosophy of Religion previous year question paper, delhi university, (B.A.(p) 6th semester, philosophy discipline Center elective)
टॉपिक- परिभाषा (Definitions)B.A. (Hons) philosophy, 3rd semester, B.A.(prog.) 6th semester, SEC- Critical Thinking
आपने ऐसे वाक्य कई बार सुने होंगे-#"मेरे कहने का अर्थ ये नहीं था।"#"आपने मेरी बातों को अन्य अर्थ में लिया।"#"मेरी बात को तरोड़- मरोड़ कर पेश किया।"#"उसने अपनी बात कहने में ऐसे शब्दों का प्रयोग किया, जिससे सुनने वाला अपने अनुसार अर्थ निकाल सकता है।"#"एक ही शब्द के कई मायने हो सकते है,ये तो इसContinue reading "टॉपिक- परिभाषा (Definitions)B.A. (Hons) philosophy, 3rd semester, B.A.(prog.) 6th semester, SEC- Critical Thinking"
प्लेटो रचित “द रिपब्लिक” एवं “द अपोलॉजी ऑफ सुकरात”
प्लेटो रचित “द रिपब्लिक” एवं “द अपोलॉजी ऑफ सुकरात” दोनों ही पुस्तक दर्शन शास्त्र जगत में महत्वपूर्ण स्थान रखती हैं।दोनों का हिन्दी अनुवाद अब आप kindle पर पढ़ सकते हैं और amazon से मंगा भी सकते हैं। दोनों पुस्तकों की विषय -वस्तु के बारे में संक्षिप्त में: The Republic “द रिपब्लिक” रिपब्लिक प्लेटो द्वारा 380 ई.पू. के आसपासContinue reading "प्लेटो रचित “द रिपब्लिक” एवं “द अपोलॉजी ऑफ सुकरात”"
Cognitive Biases ( संज्ञात्मक पूर्वाग्रह)
B.A.(H) Philosophy, 3rd semester, B.A(P) phil Discipline, 6th semester SEC- Critical Thinking, Delhi University Topic : Cognitive Biases ( संज्ञात्मक पूर्वाग्रह) स्थिति 1 अगर हमें या हमारे समूह के किसी व्यक्ति को सफ़लता मिलती है,तो हम इसे कठिन परिश्रम का परिणाम मानते हैं ।वहीं अगर किसी दूसरे व्यक्ति या अन्य समूह से सम्बंधित व्यक्ति कोContinue reading "Cognitive Biases ( संज्ञात्मक पूर्वाग्रह)"
You must be logged in to post a comment.