ए.वी.कैम्प्बेल अपनी पुस्तक "बायोएथिक्स -द बेसिक्स "के छठे अध्याय 'जस्टिस' में सोशल जस्टिस और डिस्ट्रीब्यूटिव जस्टिस का बायोएथिक्स के संदर्भ में अवलोकन करते हैं। जहाँ सोशल जस्टिस (सामाजिक न्याय) सामाजिक कल्याण और व्यक्तिगत अधिकार के बीच सामंजस्य स्थापित करने की कोशिश करती है,वहीं डिस्ट्रीब्यूटिव जस्टिस (वितरण न्याय प्रणाली) की कोशिश समाज में लाभ और जिम्मेदारियों के निस्पक्ष बंटवारे की होती है ।यह लेख स्वास्थ्य सबंधी तथा चिकित्सा क्षेत्र में उत्पन्न नैतिक दुविधाओं का न्यायपूर्ण हल ढूँढने की कोशिश करता है।ऐसे लेख व्यक्ति को एक बार जरूर सोचने को मजबूर करते हैं और अलग -अलग परिस्थितियों से जुड़े अलग-अलग पहलुओं और दृष्टिकोणों को उजागर कर व्यक्ति के अन्दर एक सम्वेदनशीलता का संचार कर देते हैं।यह लेख बी.ए. दर्शन शास्त्र (दि. वि.),बायोएथिक्स के वर्तमान स्लेबस का हिस्सा तो नहीं है,फिर भी बायोएथिक्स के सन्दर्भ में न्याय के सिद्धांत को समझने को लिये एक तार्किक समझ बढ़ाने के लिये पढ़ने योग्य है।
जीवन का मूल्य(The value of life- John Heris)
यह लेख बायोएथिक्स पेपर के टॉपिक 'जीवन एवं मृत्यु: जीवन की पवित्रता ,जीवन का अधिकार,मृत्यु का अधिकार '( Life and death: Sanctity of life,right to life, right to die) को समझने के लिये एक बढ़िया लेख है।टेक्नोलॉजी में आयी क्रांति के बाद चिकित्सा के क्षेत्र में जीवन मृत्यु से जुड़े कई नैतिक प्रश्न खडे हो गये हैं। इस लेख में जॉन हेरिस ने अलग-अलग परिस्थितियों का उदाहरण दे इन प्रश्नों के उत्तर ढूँढने की कोशिश कीहै किजीवन का मूल्य क्या है, अगर दो व्यक्तियों में से किसी एक का ही जीवन बचाया जा सकता हो तो यह निर्णय लेने का आधार क्या हो? और ऐसे ही कई अन्य प्रश्न जॉन ने इस लेख में उठाये हैं।
क्या नैतिकता धर्म पर अवलंबित है?( Does morality depend on religion)
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राजा जनक और सुलभा संवाद
20191220_122446Download नारीवादी लेखिका रूथ वनिता ने अपने आलेख 'आत्मा का कोई लिंग नहीं होता'(the self is not gendered) में अपनी बात हिन्दू मान्यता में प्रचलित पुराणिक कथाओं और भारतीय दर्शन के वेदांत स्कूल की विचारधारा के माध्यम से कही है।राजा जनक और सुलभा संवाद कहानी का आलेख में उसी संदर्भ में उपयोग है। रूथ वनिताContinue reading "राजा जनक और सुलभा संवाद"
Gender and environment debate: Lessons from India by Bina Aggarwal
लिंग और पर्यावरण पर बहस-बीना अग्रवाल 20191220_123558Download 20191220_123059Download 20191220_122446Download
Is there a feminists method? Sandra Harding
क्या कोई नारीवादी शोध प्रविधि / पद्धति (फेमिनिस्ट मेथड ) है?-सैंड्रा हार्डिंग BA.(H), 3rd semester, GE, Feminism 20191219_141418Download 20191219_141826Download
Whatever happened to Vedic dasi- Uma Chakravarti
B.A. (H) III semester, Genetic Elective, Feminism 20191219_121828Download 20191219_122222(1)Download
Life as we have known it: Feminism and biology of gender by Lynda Birke
( जीवन को हमनें जैसे समझा है- नारीवाद और लिंग की जैविकी) B.A.(H) semester III, Generic Elective, Feminism, Unit 3 20191218_220430 (1)Download
Are there absolute moral laws? ( क्या कोई स्थायी नैतिक नियम हैं?)
Delhi University B.A -Philosophy Syllabus
Delhi University Revised Syllabi (with effect from Academic Session 2019-20) Department of Philosophy B.A. (Hons.) Philosophy.( http://www.du.ac.in/du/uploads/Revi_syll_19082019/19082019_BA%20Hons%20Philosophy%20Booklet.pdf )B.A. Programme Philosophy.( http://www.du.ac.in/du/uploads/RevisedSyllabi1/Annexure-158.%20(B%20A%20Prog%20Philosophy%20Syllabus).pdf )
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